अमर नायक मोहम्मद हुसैन असग़री
जान गंवाना मोहम्मद हुसैन असग़री 22 वर्ष में ईरान सावेह तालेक़ानी मार्ग
लेखक: मेहरशीद
मोहम्मद हुसैन असग़री, 24 फ़रवरी 2003 (5 असफ़ंद 1381) को जन्मे, सावेह के एक परिवार के सबसे बड़े बेटे थे। वह इसी शहर की इस्लामिक आज़ाद यूनिवर्सिटी में केमिकल इंजीनियरिंग के आख़िरी सेमेस्टर में थे और सालों की पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल करने में बस कुछ ही वक़्त बचा था। परिवार में भी वह अपने माता-पिता का सहारा थे; अपने पिता के साथ, जो एक मोटर मैकेनिक थे, गैराज में हाथ बंटाते थे और घर पर खाना पकाने में अपनी माँ की मदद करते थे। उनका एक छोटा भाई था और बहन महज़ तीन साल की थी; एक ऐसी नन्हीं बहन जिसके बड़े होने का मोहम्मद हुसैन बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। मोहम्मद हुसैन को बचपन से ही फ़ुटबॉल का बेहद शौक़ था और वह इसे पूरी संजीदगी से खेलते थे; वह गोलकीपर थे और 'शह्रदारी सावेह' क्लब के लिए खेलते थे। उन्हें सफ़र करना भी बहुत पसंद था और जब भी नई-नई जगहें देखने का मौक़ा मिलता, वे उसे हाथ से जाने नहीं देते थे। उन्हें एक ऊर्जावान, ज़िंदादिल, निडर और हुनरमंद नौजवान के तौर पर याद किया जाता है; एक ऐसा इंसान जिसकी मौजूदगी दोस्तों और परिवार की महफ़िलों में रौनक़ और नई जान भर देती थी। अपनी ज़िंदगी और मुस्तक़बिल के सपनों के साथ-साथ, वह ईरान के भविष्य की भी फ़िक्र करते थे। ईरान के अवाम के लिए आज़ादी, खुशहाली और इंसाफ़ की बातें वे अक्सर किया करते थे। इन्हीं उम्मीदों ने उन्हें 8 जनवरी 2026 (18 दे 1404) की शा…
محمدحسین اصغری · ساوه · دانشجو