अमर नायक अली क़ुरबानी

जान गंवाना अली क़ुरबानी 22 वर्ष में ईरान पासार्गद पासारगाद पुलिस थाना

लेखक: नफ़स

अली क़ुर्बानी, जिनका जन्म २६ अक्टूबर २००३ (४ आबान १३८२) को हुआ था, फ़ार्स प्रांत के पासारगाद ज़िले के ऐतिहासिक गाँव अलीआबाद-ए-कमीन के रहने वाले थे। अली का एक भाई था जो उनसे दो साल बड़ा था, और एक बहन थी जिसकी शादी बरसों पहले हो चुकी थी। उनके पिता कई सालों से जेल में बंद थे, और उनकी माँ ने उन कड़वे दिनों से छह महीने पहले बीमारी के चलते इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। उसके बाद से अली और उनका भाई अपनी ख़ाला (मौसी) के साए में रहने लगे; एक ऐसा घर जिसमें न तो बाप था और न माँ, बस दो भाई थे जिन्हें ज़िन्दगी की गाड़ी खींचने के लिए एक-दूसरे का हाथ थामना था। अली के लिए पढ़ाई-लिखाई एक ऐसा ख़्वाब थी जो बहुत जल्द टूट गया; परिवार की तंगहाली के चलते वे आठवीं कक्षा (सेकेंडरी के तीसरे साल) से आगे न पढ़ सके। लिहाज़ा उन्होंने क़िताबों और स्कूल से नाता तोड़ा और अपने हाथों को काम के हवाले कर दिया; उसी इलाक़े के अंगूर के बाग़ों में कड़ी धूप के नीचे अंगूर के गुच्छे तोड़ते और अपनी गुज़र-बसर करते। जो लोग उन्हें जानते थे, वे उनकी मेहनत-मशक़्क़त, उनके शांत स्वभाव, उनके मिलनसार अंदाज़ और परिवार के प्रति उनके बेपनाह प्यार की बातें करते थे। उनका कहना था कि अली कभी भी लड़ाई-झगड़े या फ़साद में पड़ने वाले इंसान नहीं थे; वे तो बस एक ऐसे मुस्तक़बिल (भविष्य) को संवारने में अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे थे, जिसकी तस्वीर अभी…

کلانتری پاسارگاد · علی قربانی · علی‌آباد کمین · استان فارس

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