अमर नायक करीम आशूरी

जान गंवाना करीम आशूरी 42 वर्ष में ईरान अराक

लेखक: अनाहिता

उसका जन्म वसंत के पहले दिन हुआ था और उसका मन बेहद कोमल था। उसे नाचने का गहरा शौक था; कभी खुली हवा में, अपनी गाड़ी के पास हाथ उठाकर झूमने लगता, तो कभी दोस्तों के बीच अपनी खुशियाँ साझा करता। प्रकृति से भी उसे बहुत लगाव था और वह दोस्तों के संग पहाड़ों और मैदानों की सैर पर निकल जाया करता था। साथ बिताए उन दिनों की अब बस यादें और तस्वीरें ही बची हैं, जिन्हें उसके दोस्त आज भी भीगे दिल से याद करते हैं; उस इंसान की याद, जिसे सब उसकी नेकी और रहमदिली के लिए जानते थे। सिनेमा भी उसकी ज़िंदगी का एक हिस्सा था। उसने फ़िल्मों के निर्माण-प्रबंधन और पर्दे के पीछे महरान मोदिरी जैसे जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया था और हास्य धारावाहिक «शब-हा-ए बर्रे» के कुछ दृश्यों में छोटी भूमिकाएँ भी निभाई थीं। वह अक्सर फ़िल्में देखने जाता और उनके दृश्य दूसरों के साथ साझा करता था। उसकी निशानियों में कई अभिनेताओं के साथ खिंचवाई तस्वीरें भी नज़र आती हैं; सिनेमा की दुनिया से उसके गहरे लगाव की एक यादगार। मीलाजर्द का रहने वाला करीम आशूरी बयालीस वर्ष का था। वह वर्षों से एक ऐसी लड़की से प्यार करता था जिसके साथ वह अपना भविष्य संवारना चाहता था। अब वह औरत, जिसने अपनी ज़िंदगी के कई साल करीम की मुहब्बत के साए में गुज़ारे थे, उसके न होने के दर्द पर लिखती है। उसके लिखे शब्दों में करीम की बेपनाह याद झलकती है; ऐसी बातें जो उस…

اراک · کریم عاشوری · سینما · تدارکات- بازیگر

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