अमर नायक मोहम्मद इब्राहिम हाशेमबेगी; गोलपोस्ट के मोर्चे से आज़ादी के शिखर तक
जान गंवाना मोहम्मद इब्राहीम हाशिम बेगी 42 वर्ष में ईरान नीरीज़
लेखक: आरिशा
फ़ार्स प्रांत के नेयरिज़ शहर में ७ अगस्त १९८३ (१६ मोरदाद १३६२) को जन्मे मोहम्मद इब्राहिम हाशेम-बेगी उच्च नैतिक मूल्यों की एक मिसाल, बेहद शांत, दरियादिल, दयालु और नगर के सम्मानित व चहेते चेहरों में से एक थे। उन्होंने वर्षों तक मैदान पर नेयरिज़ के बेहतरीन फुटसाल गोलकीपरों में से एक के रूप में अपनी चमक बिखेरी और अपने खेल जीवन में राष्ट्रीय छात्र फुटसाल टीम के चयन शिविर तक पहुँचने का गौरव भी हासिल किया। खिलाड़ी के रूप में मैदान को अलविदा कहने के बाद इब्राहिम ने कोचिंग की ज़िम्मेदारी संभाली और बेपनाह मोहब्बत व समर्पण के साथ अपनी ज़िंदगी अपने क्षेत्र के किशोरों और नौजवानों को तराशने में लगा दी; जिसमें वर्ष २०१९ (१३९८) के रमज़ान कप टूर्नामेंट में 'शोहदा-ए मेशकान' टीम का मार्गदर्शन करना भी शामिल था। उनके एक पुराने साथी और दोस्त उनकी याद में उनके बड़प्पन और दिलेरी की दास्तान कुछ यूँ बयां करते हैं: «इब्राहिम हमारे लिए सिर्फ़ एक दोस्त नहीं, बल्कि ज़िंदगी भर का एक बेहद मुख़लिस और हमदर्द साथी था। चाहे खेल का मैदान हो या आम ज़िंदगी में लोगों से मेलजोल, दूसरों के लिए खुद को पीछे रखना हमेशा उसका सबसे बड़ा उसूल रहा। उसने कभी सिर्फ़ अपने बारे में नहीं सोचा; मुझे याद है जब भी मैं बतौर दोस्त उससे कहता कि इस साल आकर हमारी टीम के लिए गोलकीपिंग संभाल लो, तो उसकी पहली बात यही होती कि किसी नौजवान को साथ रख…
محمد ابراهیم هاشم بیگی · مربی فوتسال · نی ریز استان فارس · دروازهبان فوتسال