अमर नायक सईद शियासी; ख़ामोश आईने

जान गंवाना सईद शियासी 50 वर्ष में ईरान इस्फ़हान फ़लातूरी या अबू रैहान मार्ग

लेखक: नफ़स

५० वर्षीय सईद शियासी बख्तियारी मूल के व्यक्ति थे और इस्फ़हान के फ़रीदन ज़िले के ननादेगान गाँव के रहने वाले थे, हालाँकि वे कई वर्षों से इस्फ़हान शहर में ही बस गए थे और वहीं जीवन बसर कर रहे थे। इस्फ़हान की फ़लातूरी या अबूरीहान सड़क पर उनकी नाई की एक छोटी-सी दुकान थी, जिससे वे अपनी रोज़ी-रोटी कमाते थे। सईद अविवाहित थे और उन्हें जानने वालों के मुताबिक, वे बेहद खुशमिज़ाज, नेकनीयत और मिलनसार इंसान थे तथा अपने मोहल्ले में ख़ासे लोकप्रिय थे। उनके परिचित उन्हें एक ऐसे शख़्स के रूप में याद करते हैं, जो समाज के हालात और जनता की तक़दीर से कभी बेपरवाह नहीं रह सकता था। ८ और ९ जनवरी (१८ और १९ देई) के दिनों में, जब इस्फ़हान समेत ईरान के तमाम शहरों में जन-आक्रोश की लहर उफ़ान पर थी, सईद भी अपने शहर के दीगर नौजवानों के साथ सड़कों पर उतर आए; यह एक निहत्था विरोध-प्रदर्शन था, जिसकी माँग ईरान के एक बेहतर भविष्य के सिवा कुछ और न थी। उपलब्ध वृत्तांतों के अनुसार, इन विरोध-प्रदर्शनों में उनकी बेहद सक्रिय भागीदारी रही और अपने मोहल्ले में वे कई बार सुरक्षा बलों और बसीज कर्मियों के साथ भिड़ गए। उन रातों के बाद, बसीज बलों ने सईद की शिनाख़्त कर ली और उनकी हर गतिविधि पर नज़र रखनी शुरू कर दी। अंततः २५ जनवरी (५ बहमन) को, जब सईद अपनी दुकान में अकेले थे, हेलमेट पहने दो अज्ञात व्यक्ति दुकान के पास पहुँचे और उन्होंने पि…

اصفهان · سعید شیاسی · روستای ننادگان · فریدن

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