अमर नायक कियानूश एबाद सीचानी
जान गंवाना कियानूश एबाद सीचानी 27 वर्ष में ईरान करज
लेखक: मेहरशीद
कियानूश एबाद २७ वर्ष के थे और मूल रूप से इस्फहान के रहने वाले थे। वे एक रेस्तरां में शेफ़ थे और अपनी ज़िंदगी के आख़िरी दो साल उन्होंने करज में गुज़ारे थे। उन्हीं दिनों वे अपनी ज़िंदगी के सबसे अहम दिनों में से एक की तैयारियों में जुटे थे; ३१ जनवरी (११ बहमन-माह) में महज़ कुछ ही हफ़्ते बाकी थे—वह दिन, जब उनकी और महता की शादी का जश्न होना तय हुआ था। अपने आख़िरी जन्मदिन पर, मोमबत्ती बुझाने से पहले, उन्होंने महता की ओर देखकर कहा था: “अच्छे दिनों की उम्मीद में, तुम्हारे साथ खूबसूरत दिनों की उम्मीद में।” एक ऐसी ख़्वाहिश, जिसे बहुत जल्द, उनकी साझा ज़िंदगी की शुरुआत के साथ हक़ीक़त में तब्दील होना था। कियानूश के इंस्टाग्राम पेज पर मौजूद वीडियो उन दोनों की ज़िंदगी के पलों को सहेजे हुए हैं; ऐसे पल, जहाँ वे साथ मिलकर कोई तराना गुनगुना रहे हैं, एक-दूसरे को देखकर मुस्कुरा रहे हैं, और सफ़र व महफ़िलों में अपने मुहब्बत भरे दिनों को क़ैद कर रहे हैं। दो ऐसे इंसानों की सादी और आत्मीय तस्वीरें, जो एक-दूसरे से बेपनाह मुहब्बत करते थे और एक साथ अपने भविष्य के ख़्वाब देखा करते थे। कियानूश के पीछे छूटे लफ़्ज़ों से यह साफ़ झलकता है कि समाज की मौजूदा स्थिति के ख़िलाफ़ उनका विरोध, उनकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी की कशमकश से ही उपजा था। एक ऐसा नौजवान, जो महता के साथ एक बेहतर भविष्य संवारने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहा थ…
کیانوش عباد سیچانی · شاهینشهر · اصفهان