अमर नायक हमीदरज़ा मोईनीफ़र
जान गंवाना हमीदरेज़ा मोईनीफ़र 22 वर्ष में ईरान तेहरान नाज़ी आबाद
लेखक: अनाहिता
मोईनी-फ़र परिवार में हमीदरज़ा और नफ़स नाम के दो बच्चे थे। हमीदरज़ा २२ साल का एक नौजवान था, जिसने हाल ही में अपनी अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी की थी और ज़िंदगी के एक नए पड़ाव में क़दम रखा था। कसरत और खेल-कूद हमीदरज़ा की ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा थे। उसे बॉडीबिल्डिंग का बहुत शौक़ था और वह अपने वक़्त का एक बड़ा हिस्सा वर्ज़िश और रियाज़ को समर्पित करता था। सैन्य सेवा पूरी करने के बाद वह रोज़गार की दुनिया में भी उतर चुका था। वह तेहरान के बाज़ार में एक सेल्समैन के तौर पर काम करता था और इसके साथ ही लकड़ी तराशने वाली सीएनसी (CNC) मशीन के ऑपरेटर के रूप में भी कार्यरत था। मगर ८ जनवरी (१८ दी-माह) को हमीदरज़ा की तक़दीर ने एक अलग ही रुख़ अख़्तियार कर लिया। महज़ २२ साल की उम्र में, जब वह जवानी के जोश और उमंग से लबरेज़ था, एक ज़्यादा मुस्तहकम और सुरक्षित ज़िंदगी की उम्मीद लिए वह विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सड़कों पर उतर आया। उसी रोज़, एक गोली उसके सीने को चीरती हुई निकल गई और उसने दम तोड़ दिया। हमीदरज़ा के लापता होने के बाद, उसका परिवार पूरे १२ दिन तक दर-ब-दर उसकी तलाश में भटकता रहा। वे बार-बार अस्पतालों और जेलों की ख़ाक छानते रहे, मगर उसका कोई सुराग़ न मिला। आखिरकार, कहरीज़क स्थित फ़ॉरेंसिक मेडिसिन केंद्र में उन्होंने हमीदरज़ा के पार्थिव शरीर की शिनाख़्त की, जिसे वहाँ एक लावारिस और अज्ञात शव के तौर पर…
حمیدرضا معینی فر · نازیآباد تهران · ورزشکار · فروشنده