अमर नायक कासिम वकीली; ईरान के ऑफ़-रोड चैंपियन
जान गंवाना क़ासिम वकीली 39 वर्ष में ईरान क़ज़्विन अलमूत
लेखक: नूरा
«जी, मैं आपका और सभी प्यारे ऑफ़-रोड प्रेमियों का छोटा सा साथी, कासिम वक़ीली हूँ।» वह खुद का परिचय इसी सादगी और आत्मीयता से दिया करते थे; बिना उन तमाम ट्रॉफियों और पदकों का ज़रा सा भी ज़िक्र किए, जो उन्होंने हासिल किए थे। कासिम वक़ीली, जिनका जन्म २ फ़रवरी १९८६ (۱۳ बहमन ۱۳۶۴) को क़ज़वीन के अलमुत में हुआ था, ईरान के ऑफ़-रोड चैंपियन और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदकों के विजेता थे। वह इंसान, जो ऑफ़-रोड की दुनिया में १०१ नंबर से रेस लड़ा करते थे और उनके दोस्त उन्हें प्यार से «ईरान का १०१» कहकर पुकारते थे। सालों की चैम्पियनशिप और विश्वस्तरीय पदकों के बावजूद, वह हमेशा खुद को दूसरों से छोटा और नम्र ही मानते थे। कासिम वक़ीली महज़ स्टेयरिंग थामकर कठिन रास्तों को पार करने वाले इंसान नहीं थे। वह एक पेशेवर मैकेनिक थे और गाड़ी को उसके इंजन की आवाज़, बॉडी की थरथराहट और ज़रा-ज़रा सी आहटों से ही पहचान लेते थे। जो हाथ सबसे दुश्वार रास्तों पर स्टेयरिंग को मज़बूती से थामे रखते थे, वही हाथ घंटों बोनेट के नीचे काम करते रहते थे ताकि कोई बंद पड़ा इंजन फिर से चालू हो सके और कोई ठहरी हुई गाड़ी वापस सड़क पर दौड़ पड़े। रेस के दौरान, वह उन पत्थरों, कीचड़ और तीखी ढलानों से गुज़र जाते थे, जहाँ दूसरों के लिए रास्ते का अंत हो जाता था। वह रुकावट को समझते थे, निकलने का रास्ता खोज निकालते थे और मंज़िल तक पहुँचने से पहल…
قاسم وکیلی · قزوین · قهرمان آفرود ایران · تیرِ خلاص