अमर नायक मीर आक़ा रज़ाई

जान गंवाना मीरआक़ा रेज़ाई 54 वर्ष में ईरान तेहरान फ़लाह

लेखक: देलआरा

मीर-आक़ा, ५४ वर्ष, जिनका जन्म १० सितंबर १९७१ (१९ शाहरीवर १३۵०) को हुआ था, तेहरान के फ़ल्लाह मोहल्ले में रहते थे। वह दो बच्चों, फ़ातिमा और इरफ़ान के पिता थे और आजीविका के लिए डिलीवरी बॉय के रूप में काम करते थे। आम लोगों की तरह, उनकी ज़िंदगी का भी एक बड़ा हिस्सा काम, घर और परिवार की ज़रूरतों को पूरा करने की जद्दोजहद में ही बीता। वह एक बेहद मेहनती इंसान थे, जो अपनी रोज़ाना की कमाई से परिवार का गुज़ारा चलाते थे और अपनी पत्नी व बच्चों के लिए एक बेहतर भविष्य संवारने का प्रयास करते रहते थे। उनके करीबियों के मुताबिक, उनका एक बड़ा सपना यह था कि अपने बेटे इरफ़ान की शादी धूमधाम से रचाएँ और अपने परिवार को ख़ुश देखें। ९ जनवरी (१९ देह) को, प्रदर्शनों के दौरान, वह अपने घर से महज़ कुछ कदम की दूरी पर ही थे कि उन पर सीधी असॉल्ट राइफ़ल की गोली चला दी गई। गोली सीधे उनके सिर में लगी और मौक़े पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी बेटी फ़ातिमा बताती हैं कि मीर-आक़ा की पत्नी समानेह ने उसी पल बदहवास हालत में उन्हें बाइक पर बैठाया ताकि जल्द से जल्द अस्पताल पहुँचा सकें; इस उम्मीद में कि शायद उनकी जान बचाने की कोई गुंजाइश बची हो। लेकिन यह कोशिश रंग न ला सकी। रास्ते में ही आँसू गैस का गोला लगने से समानेह भी गंभीर रूप से घायल हो गईं और जब तक वे अस्पताल पहुँचे, तब तक मीर-आक़ा को पुनर्जीवित करने की कोई संभावना नहीं ब…

میرآقا رضایی · تهران،فلاح · جاویدنام

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