अमर नायक अहमद नियाज़ी जौज़ान
जान गंवाना अहमद नियाज़ी जोज़ान 47 वर्ष में ईरान मशहद तूस बुलेवार्ड
लेखक: रूदाबेह
अहमद नियाज़ी जौज़ान, क़ूचान ज़िले के जौज़ान गाँव के एक कुर्द नागरिक थे, जिनकी उम्र ४७ वर्ष थी। वह कई वर्षों से मशहद में रह रहे थे। वह विवाहित थे और दो बच्चों—एक बेटी और एक बेटे—के पिता थे। वह बॉडीबिल्डिंग और शरीर-सौष्ठव के चैंपियन थे और तूस बुलेवार्ड के इलाक़े में एक जिम का संचालन करते थे। उनके दोस्तों, शागिर्दों और क़रीबियों ने उन्हें एक ऐसे इंसान के रूप में याद किया है, जिसने अपनी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा जिम में और उन नौजवानों के दरमियाँ गुज़ारा, जो कसरत और तालीम के लिए उनके पास आते थे। ८ और ९ जनवरी २०२६ (१८ और १९ दे ۱۴۰۴) के प्रदर्शनों के आह्वान के दिनों में, तूस बुलेवार्ड मशहद में टकराव के सबसे रक्तरंजित केंद्रों में से एक में बदल गया था; एक ऐसी जगह जहाँ लोगों की चीख़ें आँसू गैस के घने धुएँ और गोलियों की लगातार गूँज में गुम हो रही थीं। सुरक्षा बलों और विशेष दस्ते ने प्रदर्शनकारियों पर युद्धक हथियारों से सीधी गोलीबारी शुरू कर दी, और यह दमन सड़कों से लेकर उन घरों तक फैल गया जो लोगों की पनाहगाह बन चुके थे। उन दो दिनों में, तूस बुलेवार्ड महज़ एक सड़क नहीं रह गई थी; वह धुएँ, दहशत और ख़ून का एक ऐसा मंज़र बन चुकी थी जहाँ लोग आवाज़ उठाने सड़कों पर उतरे तो थे, मगर उनमें से कई फिर कभी अपने घर नहीं लौट सके। मशहद के इस जन-आंदोलन में अहमद भी शामिल थे। तूस ५२ के इलाक़े में वह गोलीबारी का श…
احمد نیازی جوزان · مشهد · بلوار توس · روستای جوزان از توابع قوچان